नूरपुर (कांगड़ा) की कैप्टन शिवांगी शर्मा का आर्मी मेडिकल कोर में चयन, जिले का मान बढ़ाया

 

नूरपुर (कांगड़ा) की बेटी कैप्टन शिवांगी शर्मा का आर्मी मेडिकल कोर में चयन, जिले का नाम रोशन

नूरपुर (जिला कांगड़ा), हिमाचल प्रदेश: सीमावर्ती क्षेत्र नूरपुर की बेटी कैप्टन शिवांगी शर्मा ने भारतीय सेना की प्रतिष्ठित में चयनित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है। उनके चयन की खबर मिलते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने इसे बेटियों की शिक्षा व संकल्प की बड़ी जीत बताया।









परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, शिवांगी बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहीं। उन्होंने मेडिकल शिक्षा के दौरान अनुशासन, समर्पण और सेवा-भाव को अपनी प्राथमिकता बनाया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सेना की मेडिकल शाखा में चयन की प्रक्रिया बेहद प्रतिस्पर्धी होती है, जिसमें शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ शारीरिक दक्षता, मनोवैज्ञानिक क्षमता और इंटरव्यू जैसे कई चरण शामिल होते हैं। इन सभी कसौटियों पर खरा उतरते हुए शिवांगी ने यह उपलब्धि हासिल की।

स्थानीय शिक्षकों का कहना है कि शिवांगी हमेशा से नेतृत्व गुणों से परिपूर्ण रही हैं। स्कूल और कॉलेज के दिनों में उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक व सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का उनका लक्ष्य स्पष्ट था—देश सेवा के साथ मानव सेवा। सेना की मेडिकल कोर में चयन उनके इसी संकल्प का परिणाम माना जा रहा है।

परिवार की ओर से जारी प्रतिक्रिया में कहा गया कि यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का फल है। माता-पिता ने बताया कि शिवांगी ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया, जो सेना में चयन के लिए अनिवार्य माना जाता है।

नूरपुर और आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक संगठनों व जनप्रतिनिधियों ने भी कैप्टन शिवांगी शर्मा को बधाई दी है। कई लोगों ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र की बेटियों के लिए यह प्रेरणादायक उदाहरण है। स्थानीय युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि शिवांगी की सफलता से पूरे क्षेत्र का आत्मविश्वास बढ़ा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, Indian Army Medical Corps देश की सशस्त्र सेनाओं को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने वाली एक महत्वपूर्ण शाखा है। इस कोर के अधिकारी युद्धकाल और शांतिकाल दोनों में सैनिकों और उनके परिवारों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में शिवांगी का इस प्रतिष्ठित सेवा में शामिल होना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि हिमाचल प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है।

क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि पहाड़ी इलाकों की बेटियां अब हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं—चाहे वह शिक्षा हो, खेल हो या सेना। कैप्टन शिवांगी शर्मा की सफलता इस बात का प्रमाण है कि अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर हिमाचल की बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।

बताया जा रहा है कि चयन के बाद उन्हें निर्धारित सैन्य प्रशिक्षण से गुजरना होगा, जहां वे सैन्य चिकित्सा सेवा की बारीकियां सीखेंगी। इसके बाद उनकी नियुक्ति सेना की विभिन्न इकाइयों में की जा सकती है। परिवार ने कहा कि वे चाहते हैं शिवांगी देश की सेवा में समर्पित रहकर समाज के लिए प्रेरणा बनें।

नूरपुर की इस उपलब्धि ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि छोटे शहरों और कस्बों से निकलकर भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। कैप्टन शिवांगी शर्मा की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी और बेटियों की शिक्षा व सशक्तिकरण के महत्व को और मजबूत करेगी।

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