शिमला में कांस्टेबल दिनेश कुमार निलंबित, अलग-अलग मंचों पर विरोधाभासी तथ्य रखने का आरोप; विभागीय जांच के आदेश
शिमला में कांस्टेबल दिनेश कुमार निलंबित, अलग-अलग मंचों पर विरोधाभासी तथ्य रखने का आरोप; विभागीय जांच के आदेश
शिमला जिला पुलिस में तैनात कांस्टेबल नंबर 608 दिनेश कुमार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, शिमला द्वारा 23 जुलाई 2026 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय आदेश के अनुसार कांस्टेबल ने अपने तबादले को लेकर लोक भवन, शिमला में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि तबादला आदेश जारी होने के बावजूद उन्हें नई तैनाती पर ज्वाइन करने के लिए रिलीव नहीं किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय में बुलाए जाने पर उन्होंने बताया कि उनकी वास्तविक इच्छा पारिवारिक परिस्थितियों के चलते राजभवन गार्ड में पोस्टिंग पाने की थी, क्योंकि उनका बेटा शारीरिक रूप से दिव्यांग है और उन्हें उसकी देखभाल करनी है। विभाग ने दोनों स्थानों पर प्रस्तुत किए गए कारणों में विरोधाभास पाए जाने पर इसे पुलिस जैसे अनुशासित बल के सदस्य के अपेक्षित आचरण के विपरीत माना। आदेश में कहा गया है कि यदि पारिवारिक परिस्थितियों के कारण राजभवन गार्ड में पोस्टिंग की आवश्यकता थी तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत विभागीय स्तर पर प्रतिनिधित्व दे सकते थे। विभाग ने उनके कृत्य को अलग-अलग मंचों पर विरोधाभासी तथ्य प्रस्तुत करने, प्रशासनिक हस्तक्षेप हासिल करने का प्रयास, महत्वपूर्ण तथ्यों के दमन/गलत प्रस्तुतीकरण तथा आधिकारिक प्रक्रिया के उल्लंघन के रूप में लिया है। निलंबन अवधि के दौरान कांस्टेबल दिनेश कुमार का मुख्यालय पुलिस थाना ननखड़ी निर्धारित किया गया है और उन्हें अपनी बेल्ट CHC स्टोर में जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता मिलेगा तथा ननखड़ी थाने में फॉल-इन और रोल कॉल में उपस्थित होना होगा। साथ ही उनके खिलाफ नियमित विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसकी जिम्मेदारी डीएसपी (LR-II) जिला शिमला शक्ति सिंह, HPS को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को एक माह के भीतर जांच पूरी कर निष्कर्ष वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, शिमला को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय जांच के अंतिम निष्कर्ष के बाद ही आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
मामले की पूरी जानकारी
1. शिकायत का मामला क्या था?
आदेश के अनुसार कांस्टेबल दिनेश कुमार ने लोक भवन, शिमला में शिकायत की थी कि उनका तबादला आदेश जारी होने के बावजूद संबंधित अधिकारी उन्हें रिलीव नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण वह नई तैनाती वाली जगह पर ज्वाइन नहीं कर पा रहे हैं।
2. PHQ में बुलाए जाने पर क्या बताया?
बाद में उन्हें पुलिस मुख्यालय (PHQ) बुलाया गया। वहां उन्होंने बताया कि उनकी वास्तविक इच्छा राजभवन गार्ड में पोस्टिंग पाने की थी, क्योंकि उनका बेटा शारीरिक रूप से दिव्यांग है और वह उसकी देखभाल करना चाहते हैं।
3. विभाग ने आपत्ति क्यों जताई?
विभाग के अनुसार, लोक भवन में दी गई शिकायत में उन्होंने यह कहा था कि उन्हें नई पोस्टिंग पर जाने के लिए रिलीव नहीं किया जा रहा, जबकि PHQ में उन्होंने परिवारिक परिस्थितियों के कारण राजभवन गार्ड में पोस्टिंग की इच्छा बताई।
आदेश में इसे दोनों अलग-अलग मंचों पर अलग-अलग तथ्य/कारण प्रस्तुत करना माना गया है।
4. विभाग ने क्या कहा?
आदेश में कहा गया है कि यदि उन्हें पारिवारिक परिस्थितियों के कारण राजभवन गार्ड में पोस्टिंग चाहिए थी, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिमला पुलिस कार्यालय के माध्यम से प्रतिनिधित्व (representation) दे सकते थे। इसके बजाय उन्होंने लोक भवन में शिकायत की और बाद में PHQ में अलग कारण बताया।
5. आरोप क्या लगाए गए?
आदेश में उनके कृत्य को विभाग ने गंभीरता से लेते हुए विरोधाभासी तथ्य प्रस्तुत करने, गलत/भ्रामक तरीके से प्रशासनिक हस्तक्षेप हासिल करने का प्रयास, विभागीय प्रक्रिया का उल्लंघन और अनुशासनहीन आचरण माना है।
आदेश के अगले हिस्से में इसे misrepresentation/suppression of material facts, यानी तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने/महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने तथा आधिकारिक प्रक्रिया के उल्लंघन के रूप में भी बताया गया है।
निलंबन का आदेश
कांस्टेबल दिनेश कुमार, कांस्टेबल नंबर 608 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन के दौरान:
उनका मुख्यालय पुलिस थाना ननखड़ी (PS Nankhari) निर्धारित किया गया है।
उन्हें अपनी बेल्ट CHC Store में जमा करनी होगी।
उन्हें नियमानुसार subsistence allowance (निर्वाह भत्ता) मिलेगा।
उन्हें ननखड़ी पुलिस थाने में सभी fall-in और roll call में उपस्थित होना होगा।
उनके खिलाफ नियमित विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
विभागीय जांच कौन करेगा?
विभागीय जांच की जिम्मेदारी शक्ति सिंह, HPS, Dy.S.P. (LR-II), जिला शिमला को सौंपी गई है।
आदेश के अनुसार जांच अधिकारी को एक महीने की अवधि के भीतर विभागीय जांच पूरी करके अपनी रिपोर्ट/निष्कर्ष वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, शिमला के समक्ष प्रस्तुत करना है।
महत्वपूर्ण बात
यह अंतिम दोषसिद्धि नहीं है। दस्तावेज में अभी निलंबन और विभागीय जांच का आदेश है। अंतिम विभागीय निर्णय जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगा।
आदेश की तारीख: 23 जुलाई 2026
कार्रवाई: तत्काल प्रभाव से निलंबन + नियमित विभागीय जांच
कर्मचारी: दिनेश कुमार, कांस्टेबल नंबर 608, जिला शिमला
अगर इसे खबर बनाना हो तो मजबूत लेकिन तथ्यात्मक हेडलाइन हो सकती है:
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