चिट्टे के आदतन तस्कर पर शिमला पुलिस का बड़ा प्रहार, PIT-NDPS Act के तहत डिटेन कर भेजा कंडा जेल
शिमला। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला शिमला पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नशे के कारोबार में लगातार संलिप्त पाए जा रहे आदतन आरोपी कुलदीप ठाकुर उर्फ मोनू के खिलाफ पुलिस ने PIT-NDPS Act के तहत कठोर निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे डिटेन कर आदर्श कारागार कंडा भेज दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ा और सख्त कदम माना जा रहा है। जिला शिमला पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि ऐसे आरोपी जो बार-बार नशा तस्करी में संलिप्त पाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ अब केवल सामान्य मुकदमे दर्ज करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें समाज से अलग रखने और अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए PIT-NDPS Act जैसे सख्त कानूनों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाएगा।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कुलदीप ठाकुर उर्फ मोनू मूल रूप से गांव सरस्कन, डाकघर बरोटी, तहसील धर्मपुर जिला मंडी का रहने वाला है, जबकि वर्तमान में वह लोअर विकासनगर, शिमला में रह रहा था। आरोपी की उम्र लगभग 36 वर्ष बताई गई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था और उसके खिलाफ ND&PS Act के तहत कई मामले दर्ज हो चुके हैं। बावजूद इसके आरोपी लगातार नशा कारोबार में सक्रिय बना रहा। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गतिविधियां समाज और युवाओं के लिए गंभीर खतरा बन चुकी थीं, जिसके चलते उसके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई आवश्यक हो गई थी।
जिला शिमला पुलिस ने बताया कि PIT-NDPS Act के प्रावधानों के तहत उन आरोपियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है जो नशा तस्करी के मामलों में बार-बार पकड़े जाने के बावजूद अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आ रहे। इसी नीति के तहत कुलदीप ठाकुर उर्फ मोनू के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और उसकी निरंतर संलिप्तता की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर हिमाचल प्रदेश सरकार को भेजी थी। सरकार द्वारा मामले का परीक्षण करने के बाद आरोपी के खिलाफ PIT-NDPS Act के अंतर्गत डिटेंशन आदेशों को मंजूरी दी गई। मंजूरी मिलने के बाद जिला पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और बाद में उसे आदर्श कारागार कंडा में दाखिल कर दिया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहला मामला वर्ष 2023 में दर्ज हुआ था। पुलिस थाना पूर्व शिमला में FIR संख्या 73/2023 दिनांक 13 जुलाई 2023 के तहत आरोपी के कब्जे से लगभग 14 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। इस मामले में आरोपी के खिलाफ ND&PS Act की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि इस मामले के बाद भी आरोपी ने नशा कारोबार नहीं छोड़ा और लगातार अवैध गतिविधियों में संलिप्त रहा।
इसके बाद वर्ष 2025 में पुलिस थाना ढली में आरोपी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया। FIR संख्या 23/2025 दिनांक 18 फरवरी 2025 में आरोपी से लगभग 3.36 ग्राम हेरोइन/चिट्टा और 1 लाख 50 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई थी। पुलिस के अनुसार बरामद नकदी को नशा कारोबार से जुड़ी रकम माना गया था। इस मामले में भी आरोपी के खिलाफ ND&PS Act के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लगातार छोटे-बड़े नेटवर्क के माध्यम से नशे की सप्लाई में सक्रिय था और कई युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहा था।
आरोपी के खिलाफ तीसरा मामला वर्ष 2025 में ही पुलिस थाना पूर्व शिमला में दर्ज हुआ। FIR संख्या 52/2025 दिनांक 27 जून 2025 के तहत आरोपी के कब्जे से लगभग 22 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय होकर नशे का कारोबार चला रहा था। पुलिस ने कई बार उसे गिरफ्तार किया, लेकिन हर बार जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी दोबारा उसी अवैध धंधे में शामिल हो जाता था।
इसके अलावा पुलिस थाना संजौली में FIR संख्या 05/2025 दिनांक 19 अगस्त 2025 के तहत आरोपी से लगभग 5.480 ग्राम हेरोइन/चिट्टा और 40 हजार रुपये नकद बरामद किए गए थे। इस मामले में आरोपी के खिलाफ ND&PS Act की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास यह साबित करता है कि वह आदतन अपराधी बन चुका था और समाज में नशे का जाल फैलाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
जिला शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि PIT-NDPS Act के तहत की गई कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ऐसे तस्करों को समाज से दूर रखना है, ताकि वे दोबारा नशा तस्करी में शामिल न हो सकें। पुलिस का कहना है कि सामान्य कानूनी कार्रवाई के बाद कई आरोपी जमानत पर रिहा होकर फिर से उसी कारोबार में लग जाते हैं। ऐसे में PIT-NDPS Act जैसे सख्त कानूनों का उपयोग कर उन्हें निरोधात्मक रूप से डिटेन किया जा रहा है। इस कानून के तहत आरोपी को एक निश्चित अवधि तक जेल में रखा जा सकता है ताकि उसकी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में युवाओं को नशे से बचाने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस लगातार ऐसे नेटवर्कों की पहचान कर रही है जो चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों की सप्लाई में शामिल हैं। इसके साथ-साथ स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं ताकि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जा सके।
जिला पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में नशा तस्करी या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि समाज और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से ही नशा माफिया के खिलाफ प्रभावी लड़ाई लड़ी जा सकती है।
जिला शिमला पुलिस के अनुसार अब तक कुल 39 आरोपियों को PIT-NDPS Act के तहत गिरफ्तार कर डिटेन किया जा चुका है। पुलिस का दावा है कि आने वाले समय में भी नशा तस्करों के खिलाफ इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का मानना है कि ऐसे कदमों से न केवल नशा कारोबार पर अंकुश लगेगा, बल्कि युवाओं को भी इस खतरे से बचाया जा सकेगा। शिमला पुलिस की इस कार्रवाई को प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम का अहम हिस्सा माना जा रहा है और पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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