शिमला पुलिस का बड़ा एक्शन, पंजाब-हरियाणा से 3 चिट्टा सप्लायर गिरफ्तार

 


शिमला पुलिस का बड़ा एक्शन: पंजाब-हरियाणा से 3 बड़े चिट्टा सप्लायर गिरफ्तार, अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़
















शिमला। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ जारी अभियान के तहत शिमला पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने चिट्टा तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब और हरियाणा से तीन मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दो अलग-अलग मामलों की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों, डिजिटल साक्ष्यों, बैंक ट्रांजेक्शन और बैकवर्ड लिंकज के आधार पर की गई। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े हुए थे और हिमाचल में चिट्टा सप्लाई करने का काम कर रहे थे। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय ड्रग नेटवर्क पर भी बड़ी चोट करने का दावा किया है। जानकारी के अनुसार, पहला मामला शिमला के संजौली थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 18 मई 2026 को पुलिस ने एक आरोपी रवि कुमार उर्फ बंटी को 26 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां मिलीं। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ग्राहकों से पैसे सीधे नकद नहीं लेता था, बल्कि QR स्कैनर के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान करवाता था। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग गतिविधियों की जांच की, जिसके बाद नशा सप्लाई चेन की कड़ियां जुड़नी शुरू हुईं। तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस पंजाब तक पहुंची और तरनतारन निवासी शवनदीप की भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस टीम ने पंजाब के अमृतसर में दबिश देकर आरोपी शवनदीप को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी हिमाचल में नशा सप्लाई करने वाले नेटवर्क का अहम हिस्सा था और उसके अन्य संपर्कों की भी जांच की जा रही है। दूसरा मामला बालूगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पुलिस ने 14 ग्राम चिट्टा के साथ जय सिंघला नामक आरोपी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और जांच के दौरान इस मामले में भी कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। पुलिस को पता चला कि इस नेटवर्क में पंजाब और हरियाणा के कुछ लोग सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। जांच में पंजाब के मोगा निवासी अमृत पाल और हरियाणा के कुलदीप सिंह के नाम सामने आए। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर नशा कारोबार को संचालित कर रहे थे। इसके बाद शिमला पुलिस ने विशेष टीम बनाकर कार्रवाई शुरू की और रविवार को पंजाब के मोगा तथा हरियाणा के पिंजौर में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क की वित्तीय जांच, बैंक खातों और डिजिटल कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि नशे की सप्लाई चेन को पूरी तरह खत्म किया जा सके। शिमला पुलिस का कहना है कि आजकल नशा तस्कर तकनीक का इस्तेमाल कर अपने नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं, जिसमें सोशल मीडिया, ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम, QR कोड और बैंक खातों का अधिक उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में पुलिस भी साइबर और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से तस्करों तक पहुंच रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और राज्य के बाहर बैठे सप्लायरों तक पहुंचकर नेटवर्क तोड़ने की रणनीति अपनाई गई है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक NDPS एक्ट के तहत 134 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 286 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। इसके अलावा 42 बड़े ड्रग सप्लायरों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ 32 अंतरराज्यीय नशा नेटवर्क को तोड़ने में भी सफलता मिली है। पुलिस ने साफ किया है कि नशा कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी। शिमला पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को नशा तस्करों के खिलाफ एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे राज्य में सक्रिय नेटवर्क पर दबाव बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

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