जिला शिमला के ठियोग क्षेत्र से नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी और अहम कार्रवाई सामने आई है। मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ठियोग पुलिस ने चिट्टा तस्करी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए सप्लाई चेन के मुख्य कड़ी तक पहुंच बनाई है। पुलिस ने इस मामले में हरियाणा से मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार कर नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला 8 जनवरी 2026 का है, जब ठियोग बाईपास के पास नाका चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने चार व्यक्तियों को संदेह के आधार पर रोका था। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से करीब 10 ग्राम चिट्टा, जिसे हेरोइन भी कहा जाता है, बरामद किया गया। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमन वर्मा (37), संजीव कुमार (35), रोहित कुमार (33) और निखिल (33) के रूप में हुई, जो सभी ठियोग क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में इन आरोपियों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जिसके आधार पर पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू की।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने मामले को केवल बरामदगी तक सीमित न रखते हुए इसकी जड़ों तक पहुंचने का निर्णय लिया। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल डाटा और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने इस ड्रग नेटवर्क के बैकवर्ड लिंकज को ट्रेस करना शुरू किया। इसी प्रक्रिया में पुलिस को इस नेटवर्क के मुख्य सप्लायर के बारे में अहम सुराग मिले।
सूत्रों के अनुसार, लगातार निगरानी और जांच के बाद 23 मार्च 2026 को पुलिस ने सन्नी राठौर (48), निवासी अबोहर, जिला फाजिल्का (पंजाब) को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया। उसे इस पूरे मामले का मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है, जो चिट्टा की सप्लाई इस नेटवर्क को उपलब्ध करवा रहा था।
कथित तौर पर, आरोपी सन्नी राठौर लंबे समय से इस अवैध कारोबार में संलिप्त था और विभिन्न क्षेत्रों में नशे की सप्लाई कर रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और कनेक्शनों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी को अदालत में पेश किया जा रहा है और रिमांड के दौरान उससे और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
ठियोग पुलिस का कहना है कि अब उनका फोकस केवल नशे की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सप्लाई चेन के स्रोत तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को खत्म करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसी रणनीति के तहत बैकवर्ड लिंकज को तोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जहां बैकवर्ड लिंकज के तहत केवल एक गिरफ्तारी दर्ज की गई थी, वहीं वर्ष 2026 में अभी तक, यानी करीब डेढ़ महीने के भीतर ही 10 आरोपियों को इस कड़ी में गिरफ्तार किया जा चुका है। यह आंकड़ा पुलिस की बढ़ती सक्रियता और रणनीतिक कार्रवाई को दर्शाता है।
इस कार्रवाई को नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह साफ संकेत मिलता है कि पुलिस अब नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में नशे के मामलों में कमी आएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नशा तस्करों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें नशा तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर पुलिस की जांच जारी है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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