चिंतपूर्णी (ऊना) के सारड़ा में 150 फुट गहरी खाई में गिरने से 36 वर्षीय नंद लाल की मौत, जंगल में जड़ी-बूटी लेने गया था युवक
चिंतपूर्णी। ऊना जिले के चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के सारड़ा (चाहबाग) गांव में एक दर्दनाक हादसे में 36 वर्षीय युवक की खाई में गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान नंद लाल निवासी सारड़ा के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक जंगल में जड़ी-बूटियां लेने गया था, जहां कथित तौर पर पैर फिसलने से वह करीब 150 फुट गहरी ढांक में जा गिरा।
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक नंद लाल रविवार दोपहर अपने घर से पास के जंगल की ओर गया था। बताया जा रहा है कि वह अक्सर स्थानीय स्तर पर जड़ी-बूटियां एकत्रित करने जंगल जाया करता था। रविवार को भी वह इसी उद्देश्य से निकला था, लेकिन देर शाम तक घर वापस नहीं लौटा। जब काफी समय बीत गया और उसका मोबाइल फोन भी रिसीव नहीं हुआ, तो परिवार के सदस्यों को अनहोनी की आशंका हुई।
परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जंगल के एक हिस्से में खाई के किनारे नंद लाल की टोपी, मोबाइल फोन और दराट (घास काटने का औजार) पड़े मिले। इन सामानों को देखकर परिजन घबरा गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए अंदेशा जताया गया कि युवक खाई में गिर गया हो सकता है।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस हरकत में आई। थाना प्रभारी जयराम शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रात में ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने का प्रयास किया गया। हालांकि गहरी खाई, घना अंधेरा और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रविवार देर रात तक शव को बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। सुरक्षा कारणों से ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
सोमवार सुबह स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपमंडल पुलिस अधिकारी (डीएसपी) अनिल पटियाल स्वयं मौके पर पहुंचे। उनके निर्देश पर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम को बुलाया गया। एसडीआरएफ, होमगार्ड और स्थानीय पुलिस के जवानों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। रस्सियों और विशेष उपकरणों की मदद से जवानों ने खाई में उतरकर तलाशी अभियान चलाया।
करीब 150 फुट गहरी खाई में नीचे पहुंचकर टीम ने युवक का शव बरामद किया। बताया जा रहा है कि शव दुर्गम स्थान पर फंसा हुआ था, जिसे बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद शव को सुरक्षित बाहर निकाला गया और पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू की।
डीएसपी अनिल पटियाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पैर फिसलने के कारण गहरी ढांक में गिरने का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
पुलिस ने मामले में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। फिलहाल किसी भी तरह की साजिश या आपराधिक पहलू की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद पूरे सारड़ा और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है। ग्रामीणों के अनुसार नंद लाल एक सरल स्वभाव का व्यक्ति था और अपने परिवार का सहारा था। उसकी असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में मातम का माहौल है और लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जंगल या दुर्गम क्षेत्रों में जाते समय विशेष सावधानी बरतें, खासकर बारिश या फिसलन के मौसम में। पहाड़ी इलाकों में ढांक और गहरी खाइयों के पास चलते समय संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है, जिससे ऐसे हादसे हो सकते हैं।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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