मंत्री विक्रमादित्य के दावों की खुली पोल: 5 माह में 3 KM सड़क नहीं हुई बहाल, कंधों पर मरीज |
शिमला/हिमाचल प्रदेश।
हिमाचल प्रदेश में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के विकास और सड़कों की बहाली को लेकर किए जा रहे दावों की जमीनी हकीकत सामने आ गई है। प्रदेश के एक दुर्गम क्षेत्र में बीते पांच महीनों से मात्र 3 किलोमीटर सड़क आज तक बहाल नहीं हो पाई, जिससे आम जनता का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
सड़क बंद होने के कारण हालात इतने खराब हैं कि बीमार और बुजुर्ग मरीजों को कंधों पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाया जा रहा है। कई बार तो समय पर इलाज न मिलने के कारण मरीजों की जान पर भी बन आती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन आश्वासनों के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ।
ग्रामीणों के अनुसार, मानसून के दौरान सड़क क्षतिग्रस्त हुई थी, लेकिन पांच महीने बीत जाने के बाद भी न तो मलबा हटाया गया और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई। वहीं, मंत्री और विभाग की ओर से बार-बार सड़कों की बहाली और तेज़ी से काम होने के दावे किए जाते रहे, जो अब खोखले साबित हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों में भारी रोष है। उनका कहना है कि अगर जल्द सड़क बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। सवाल यह भी उठता है कि जब राजधानी और बड़े शहरों में सड़कें चकाचक दिखाई जाती हैं, तो दूरदराज़ के इलाकों के लोगों को बुनियादी सुविधाओं से क्यों वंचित रखा जा रहा है?
यह मामला न सिर्फ सरकारी दावों पर सवाल खड़े करता है, बल्कि हिमाचल में विकास के असमान मॉडल की भी पोल खोलता है, जहां आम आदमी आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहा है।
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