सिरमौर (UT Himachal): हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी पुलिस वर्दी और नीली बत्ती का दुरुपयोग कर लोगों पर रौब झाड़ रहा था। यह गिरोह खुद को विजिलेंस और सीआईडी (CID) का बड़ा अधिकारी बताकर घूम रहा था। रेणुका जी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को उसके बाउंसरों, दो लग्जरी गाड़ियों और हथियारों समेत धर दबोचा है।
हूटर बजाती गाड़ियों ने पैदा किया शक
यह पूरा घटनाक्रम सोमवार शाम का है जब हरिपुरधार इलाके में दो लग्जरी गाड़ियां—एक बोलेरो (HP28A-8771) और एक इनोवा (HP07E-0791)—हूटर बजाते हुए दाखिल हुईं। गाड़ियों पर पुलिस के बोर्ड लगे हुए थे। गाड़ियों के काफिले और हूटर के शोर को देखकर स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों को संदेह हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी (SHO) रेणुका जी, प्रियंका चौहान ने अपनी टीम के साथ तत्काल घेराबंदी की और दोनों वाहनों को रोक लिया।
वर्दी में 'थ्री स्टार' लगाकर बैठा था फर्जी अधिकारी
जब पुलिस टीम ने इनोवा गाड़ी की तलाशी ली, तो पिछली सीट पर 26 वर्षीय उदय शर्मा (निवासी नयागांव, मोहाली, पंजाब) बैठा मिला। उसने पुलिस की वर्दी पहनी थी और उस पर तीन स्टार (Inspector level) लगा रखे थे। पूछताछ के दौरान उसने खुद को विजिलेंस और सीआईडी विभाग का अधिकारी बताकर असली पुलिस टीम पर भी रौब झाड़ने की कोशिश की। हालांकि, जब उससे विभागीय आई-कार्ड (I-Card) मांगा गया, तो वह घबरा गया और कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
किराये के बाउंसर और हथियारों की बरामदगी
पुलिस को बोलेरो गाड़ी की तलाशी के दौरान उसमें चार बाउंसर सवार मिले, जिन्हें आरोपी ने अपना रसूख दिखाने के लिए किराये पर रखा था। वहीं, इनोवा में सवार अजय (निवासी करनाल, हरियाणा) के पास से एक रिवॉल्वर और एक .315 बोर की राइफल बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, भले ही इन हथियारों का लाइसेंस अजय के पास था, लेकिन दूसरे राज्य के हथियारों को इस तरह हिमाचल में लाना आर्म्स एक्ट का उल्लंघन है।
पुलिस की कार्रवाई और गहन जांच जारी
सिरमौर के पुलिस अधीक्षक (SP) निश्चिंत सिंह नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने दोनों गाड़ियां जब्त कर ली हैं। मुख्य आरोपी उदय शर्मा और उसके साथी अजय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह गिरोह किस मकसद से हिमाचल में सक्रिय था और क्या इन्होंने पहले भी किसी को ठगा है या किसी वारदात को अंजाम दिया है।
