क्रेशर प्लांट विवाद में खूनी संघर्ष, पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत; DC किरण भड़ाना के पिता थे
राजस्थान के भरतपुर में चार साल पुराने खनन विवाद ने लिया हिंसक रूप, फायरिंग के दावे की पुलिस कर रही जांच
लाहौल-स्पीति/भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में खनन और क्रेशर प्लांट को लेकर चल रहा पुराना विवाद रविवार को हिंसक संघर्ष में बदल गया। इस घटना में बयाना के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए जयपुर के SMS अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां रात करीब 11:30 बजे उनकी मौत हो गई। अतर सिंह भड़ाना हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की उपायुक्त किरण भड़ाना के पिता थे। घटना के बाद परिवार में शोक की लहर है।
क्रेशर प्लांट पर पहुंचने के दौरान बढ़ा विवा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 6:30 बजे अतर सिंह भड़ाना अपनी पत्नी कमलेश भड़ाना की खनन लीज से जुड़े क्रेशर प्लांट पर पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों और भड़ाना पक्ष के लोगों के बीच विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि उनकी खनन लीज का कनेक्शन काट दिया गया था और वाटर पंप को भी नुकसान पहुंचाया गया था। उनका दावा है कि लीज पर आने वाले लोगों को भी वहां से भगा दिया जाता था। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में पुलिस और प्रशासन को कई बार शिकायत दी गई थी।
कमलेश भड़ाना के मुताबिक, घटना के दौरान 70 से 80 लोगों ने उनके पति और उनके साथ मौजूद लोगों पर हमला किया। उन्होंने अतर सिंह भड़ाना को गोली लगने का भी दावा किया है। हालांकि, गोली लगने की बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है।
चार साल से चल रहा था खनन और रास्ते को लेकर विवाद
पुलिस के अनुसार, क्रेशर प्लांट के संचालन को लेकर ग्रामीणों और प्लांट संचालक पक्ष के बीच करीब चार साल से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि अतर सिंह भड़ाना ने चारागाह की जमीन पर कब्जा कर अवैध खनन किया था। इसके अलावा खनन क्षेत्र तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद बना हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण इस मुद्दे को लेकर समय-समय पर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। पिछले करीब एक साल से क्रेशर प्लांट बंद पड़ा था और अतर सिंह भड़ाना इसे दोबारा शुरू करवाने का प्रयास कर रहे थे। इसी सिलसिले में रविवार को उनके प्लांट पहुंचने के बाद विवाद फिर बढ़ गया।
धरना स्थल पर कहासुनी के बाद चले लाठी-पत्थर
ग्रामीणों का आरोप है कि खनन क्षेत्र तक जाने का रास्ता नहीं होने के कारण वे पिछले 10 से 15 दिनों से शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। उनका कहना है कि रविवार शाम भड़ाना पक्ष के कुछ लोग वहां पहुंचे और ग्रामीणों को धरना स्थल से हटाया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो मारपीट में बदल गई।
इस झड़प में अतर सिंह भड़ाना गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के दौरान दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। विवाद की शुरुआत कैसे हुई और हिंसा में कौन-कौन शामिल था, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
वैर अस्पताल से जयपुर किया गया रेफर
मारपीट में घायल अतर सिंह भड़ाना और गगन शर्मा को पहले वैर उप जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद अतर सिंह भड़ाना को जयपुर और गगन शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया।
इसके बाद अतर सिंह भड़ाना को जयपुर के SMS अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां रात करीब 11:30 बजे उनकी मौत हो गई। SMS थाने के प्रभारी जितेंद्र कुमार ने भी उनकी मौत की पुष्टि की। इसके बाद शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।
फायरिंग के दावे की जांच में जुटी पुलिस
थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस के साथ भरतपुर से भी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। झड़प के दौरान फायरिंग होने के दावे की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस वजह से हिंसक हुआ, घटना में कौन-कौन शामिल था और क्या वास्तव में गोली चलाई गई थी। मामले में आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
DC किरण भड़ाना के परिवार में शोक
लाहौल-स्पीति की उपायुक्त किरण भड़ाना के पिता अतर सिंह भड़ाना की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। खनन और क्रेशर प्लांट को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।


