मण्डी: ग्राम पंचायत भूर की निवासी शैलजा ठाकुर और लौंगनी पंचायत के त्रयंबला गांव की प्रियंका ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। दोनों छात्राओं की सफलता से धर्मपुर क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।
पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने दोनों छात्राओं की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह धर्मपुर क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि..... ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर दोनों बेटियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर शिक्षा के क्षेत्र में पहचान बनाई है। उनकी सफलता क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी।
भूपेंद्र सिंह के अनुसार, शैलजा ठाकुर ग्राम पंचायत भूर की रहने वाली हैं और उन्होंने भूगोल विषय में सफलता हासिल की है। शैलजा का संबंध एक साधारण परिवार से है। उनके पिता स्वर्गीय नेक राम झंग्गी में दुकान चलाने के साथ-साथ सस्ते अनाज की सहकारी समिति के डिपो होल्डर भी थे।
करीब तीन वर्ष पहले एक हादसे में घर की छत से गिरने के कारण शैलजा के पिता का निधन हो गया था। परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय था। इसके बावजूद शैलजा ने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी और अपनी पढ़ाई को लगातार जारी रखा। उन्होंने मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए।
शैलजा ने अपने पिता के सपनों को पूरा करने के लिए पढ़ाई में लगातार मेहनत की। पारिवारिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाए रखा। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगन और मेहनत के बल पर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
वहीं, लौंगनी पंचायत के त्रयंबला गांव की प्रियंका ने भी पुरातत्व विषय में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। प्रियंका की उपलब्धि से उनके परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों ने उनकी सफलता पर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
दोनों छात्राओं की उपलब्धि खास इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने ग्रामीण परिवेश से निकलकर उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उनकी सफलता से धर्मपुर क्षेत्र की बेटियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का हौसला बढ़ेगा।
भूपेंद्र सिंह ने कहा कि शैलजा ठाकुर और प्रियंका ने अपनी मेहनत से न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि धर्मपुर क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने दोनों छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां समाज में बेटियों की शिक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश देती हैं।
दोनों छात्राओं की सफलता पर क्षेत्रवासियों ने खुशी जताते हुए उनके परिवारों को बधाई दी है। लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां भी अगर उन्हें उचित अवसर और परिवार का सहयोग मिले तो शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं .में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
