शिमला में पुलिस विभाग की बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई, सब-इंस्पेक्टर, कांस्टेबल और हेड हवलदार निलंबित; विभागीय जांच के आदेश
शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता और पुलिस आचरण नियमों के उल्लंघन मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की । शिमला पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए एक सब-इंस्पेक्टर, एक कांस्टेबल और एक हेड हवलदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया । तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए । इस कार्रवाई की पुष्टि शिमला के पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव सिंह ने की है।
पुलिस विभाग के अनुसार "अनुशासन किसी भी पुलिस बल की सबसे बड़ी पहचान होती है और आम जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का सेवा नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इसी सिद्धांत के तहत हाल ही में सामने आए मामलों में संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए हैं। विभाग का कहना है कि भविष्य में भी यदि कोई कर्मचारी सेवा नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, पहले मामले में निलंबित किए गए सब-इंस्पेक्टर पर पुलिस आचरण नियमावली का गंभीर उल्लंघन करने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से राजनीतिक गतिविधियों से संबंधित एक पोस्ट साझा की थी। पुलिस सेवा नियमों के तहत किसी भी सेवारत पुलिस अधिकारी या कर्मचारी को सार्वजनिक रूप से किसी राजनीतिक दल, राजनीतिक विचारधारा अथवा राजनीतिक गतिविधि का समर्थन करने, प्रचार करने या उसमें भाग लेने की अनुमति नहीं होती। पुलिस बल को निष्पक्ष और राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखने के उद्देश्य से यह नियम बनाए गए हैं। प्रारंभिक स्तर पर मामले को गंभीर मानते हुए विभाग ने संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया तथा पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
दूसरे मामले में एक कांस्टेबल और एक हेड हवलदार पर ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन करने के आरोप लगे हैं। पुलिस विभाग को पिछले कुछ समय से दोनों कर्मचारियों के संबंध में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों में कहा गया था कि दोनों कर्मचारी कई बार ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में पाए जाते हैं, जिससे न केवल उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो रही थी बल्कि पुलिस विभाग की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा था।
इन शिकायतों के बाद विभाग द्वारा मामले की जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर पुलिस लाइन शिमला भेज दिया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस बल एक अत्यंत अनुशासित सेवा है, जहां प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी से उच्च स्तर की जिम्मेदारी, ईमानदारी और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है। ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन, अनुशासनहीनता अथवा पुलिस आचरण नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में विभाग की 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू है।
एसएसपी गौरव सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और सेवा नियमों के उल्लंघन के किसी भी मामले में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित आचरण नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यदि कोई कर्मचारी इन नियमों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल तीनों निलंबित पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित नियमों के अनुसार आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अनुशासनहीनता, ड्यूटी में लापरवाही तथा सेवा नियमों के उल्लंघन के मामलों में इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ,ताकि पुलिस बल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता,जवाबदेही और जनता का विश्वास कायम रखा जा सके।
#ShimlaPolice #HimachalPradesh #PoliceAction #DisciplinaryAction #Suspension #DepartmentalInquiry #HimachalNews #BreakingNews #UTHimachal #UniqueTodayNews
