हिमाचल में 2 दिन में दो शराब ठेके सील, तय दाम से अधिक वसूलने पर आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन

 

हिमाचल में शराब ठेकों पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, लगातार दूसरे दिन ओवरचार्जिंग पर ठेका सील; एमआरपी से अधिक वसूली करने वालों को सख्त चेतावनी










धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में शराब खरीदने वाले उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा को लेकर आबकारी एवं कराधान विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। विभाग ने निर्धारित मूल्य (एमआरपी) से अधिक दाम वसूलने वाले शराब ठेकों के खिलाफ लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए पालमपुर के बंदला क्षेत्र स्थित एक शराब ठेके को सील कर दिया। इससे पहले ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के जमुली स्थित शराब ठेके पर भी ओवरचार्जिंग की पुष्टि होने के बाद 24 घंटे के लिए ताला लगाया गया था। लगातार दो दिनों में हुई इन कार्रवाइयों ने साफ संकेत दे दिया है कि अब उपभोक्ताओं से मनमानी वसूली करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

आबकारी विभाग की इस कार्रवाई के बाद प्रदेशभर के शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। विभाग का कहना है कि यदि भविष्य में किसी भी शराब ठेके पर एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित लाइसेंसधारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि शराब की प्रत्येक बोतल पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक राशि लेना पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है और ऐसा करने वालों पर आर्थिक दंड के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।







शिकायतों के बाद शुरू हुआ विशेष अभियान

सूत्रों के अनुसार आबकारी एवं कराधान विभाग को पिछले कुछ समय से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ शराब ठेकों पर ग्राहकों से एमआरपी से 20 से 50 रुपये तक अधिक वसूले जा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि निर्धारित मूल्य पर शराब मांगने पर उन्हें बहाने बनाए जाते हैं या फिर अधिक कीमत चुकाने के लिए मजबूर किया जाता है।

इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने विशेष निगरानी अभियान शुरू किया। विभागीय अधिकारियों ने पहले शिकायतों की गोपनीय जांच करवाई और उसके बाद औचक निरीक्षण की रणनीति तैयार की। अभियान के तहत कई स्थानों पर टीमों को सक्रिय किया गया ताकि वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके।

ग्राहक बनकर पहुंचे विभागीय कर्मचारी















पालमपुर के बंदला क्षेत्र में कार्रवाई से पहले आबकारी विभाग ने शिकायत की सत्यता जांचने के लिए एक कर्मचारी को सामान्य ग्राहक बनाकर शराब खरीदने भेजा। जांच के दौरान कर्मचारी से भी बोतल पर अंकित एमआरपी से अधिक राशि वसूली गई। जैसे ही ओवरचार्जिंग की पुष्टि हुई, पहले से तैयार विभागीय टीम मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच के बाद संबंधित शराब ठेके को सील कर दिया।

इसी तरह की कार्रवाई एक दिन पहले ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के जमुली स्थित शराब ठेके पर भी की गई थी। वहां भी शिकायत सही पाए जाने पर विभाग ने 24 घंटे के लिए ठेका बंद कर दिया था। इससे पहले धर्मशाला के पिंगल क्षेत्र में भी ओवरचार्जिंग के मामले में विभाग कार्रवाई कर चुका है।

लगातार कार्रवाई से कारोबारियों में मचा हड़कंप

लगातार दो दिनों में दो अलग-अलग क्षेत्रों में शराब ठेकों पर हुई कार्रवाई के बाद प्रदेश के अन्य लाइसेंसधारी शराब कारोबारियों में भी हलचल बढ़ गई है। कई स्थानों पर संचालकों ने अपने कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्राहकों से केवल एमआरपी के अनुसार ही राशि ली जाए।

जानकारों का मानना है कि यदि विभाग इसी तरह नियमित निरीक्षण जारी रखता है तो प्रदेश में ओवरचार्जिंग की शिकायतों में काफी कमी आ सकती है। साथ ही इससे उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत होगा कि उनकी शिकायतों पर प्रशासन गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है।

आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा

आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार संबंधित मामलों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। नियमानुसार ओवरचार्जिंग की पुष्टि होने पर संबंधित लाइसेंसधारियों पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा। यदि किसी ठेके के खिलाफ बार-बार शिकायतें सही पाई जाती हैं तो उसके लाइसेंस से संबंधित कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश में सभी लाइसेंसधारी नियमों का पालन करें और उपभोक्ताओं से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि न वसूलें।

उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा पर जोर

विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी शराब ठेके पर उनसे एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जाती है तो इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों को करें। शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता जागरूक होंगे तभी इस तरह की अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि शराब जैसी नियंत्रित वस्तु की बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार और विभाग दोनों की जिम्मेदारी है। यदि उपभोक्ताओं से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि ली जाती है तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों के अधिकारों का भी हनन है।

शराब कारोबारियों ने उठाया अवैध शराब का मुद्दा

विभागीय कार्रवाई के बीच शराब कारोबारियों ने भी अपनी चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब की बिक्री खुलेआम हो रही है, लेकिन उसके खिलाफ अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही। कारोबारियों का आरोप है कि कई दुकानों और अन्य स्थानों पर बिना लाइसेंस शराब कम कीमत पर बेची जा रही है, जिससे वैध कारोबार प्रभावित हो रहा है।

कारोबारियों का कहना है कि वे सरकार को लाइसेंस शुल्क और अन्य करों का भुगतान कर नियमों के तहत कारोबार करते हैं, जबकि अवैध रूप से शराब बेचने वाले बिना किसी नियंत्रण के कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में वैध कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

गुणवत्ता और सुरक्षा पर भी चिंता

शराब कारोबारियों ने यह भी कहा है कि अवैध रूप से बिकने वाली शराब की गुणवत्ता और सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होती। ऐसी शराब उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उनका कहना है कि यदि सरकार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना चाहती है तो ओवरचार्जिंग के साथ-साथ अवैध शराब के कारोबार पर भी व्यापक अभियान चलाया जाना चाहिए।

कारोबारियों का मानना है कि वैध और अवैध कारोबार के बीच बढ़ते अंतर को खत्म करने के लिए समान रूप से सख्त कार्रवाई आवश्यक है। इससे न केवल सरकारी राजस्व की सुरक्षा होगी बल्कि उपभोक्ताओं को भी सुरक्षित और निर्धारित मूल्य पर उत्पाद उपलब्ध हो सकेगा।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

आबकारी एवं कराधान विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि ओवरचार्जिंग के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग समय-समय पर औचक निरीक्षण करेगा और शिकायतों की गोपनीय जांच भी कराई जाएगी। अधिकारियों ने दोहराया कि किसी भी शराब ठेके पर एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने की पुष्टि होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

लगातार दूसरे दिन हुई कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि हिमाचल प्रदेश में अब शराब बिक्री से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बढ़ेगी। विभाग की नजर केवल ओवरचार्जिंग पर ही नहीं, बल्कि शराब बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने पर भी रहेगी।

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