ठियोग में 8.340 ग्राम चिट्टा केस में न्यायालय का चपरासी गिरफ्तार

ठियोग में 8.340 ग्राम चिट्टा मामले में बड़ा खुलासा, न्यायालय का चपरासी गिरफ्तार


इन: ठियोग में 8.340 ग्राम चिट्टा मामले में बड़ा खुलासा, न्यायालय का चपरासी गिरफ्तार


ठियोग (शिमला): हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के अंतर्गत ठियोग क्षेत्र में चिट्टा तस्करी के एक मामले में पुलिस ने फॉरवर्ड लिंकेज की कड़ियों को जोड़ते हुए एक अहम सफलता हासिल की है। मामले की गहन जांच के दौरान पुलिस ने न्यायिक मैजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) ठियोग न्यायालय में कार्यरत एक चपरासी को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद न्यायिक परिसर से जुड़े व्यक्ति का नाम सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।









सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई 12 अप्रैल 2026 को थाना ठियोग में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले की तफ्तीश के दौरान अमल में लाई गई। पुलिस द्वारा दर्ज मामले के मुताबिक 12 अप्रैल को ठियोग पुलिस थाना की टीम नियमित गश्त और नाकाबंदी के दौरान नंगलदेवी के समीप वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को जांच के लिए रोका गया।


तलाशी के दौरान पुलिस ने कार में सवार व्यक्ति की गतिविधियों पर संदेह होने पर सघन जांच की, जिसमें उसके कब्जे से 8.340 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। आरोपी की पहचान नलेहा निवासी कुलदीप वर्मा उर्फ आशु के रूप में हुई, जिसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया और आगे की जांच शुरू की।


प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी कुलदीप वर्मा ने मामले को लेकर टालमटोल करने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई और तकनीकी आधार पर पूछताछ को आगे बढ़ाया, तो उसने कई अहम खुलासे किए। आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह बरामद चिट्टा हितेंद्र मेहता उर्फ रिंकू नामक व्यक्ति को सप्लाई करने जा रहा था।


इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फॉरवर्ड लिंकेज की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला, जिसमें आरोपियों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सामने आई। इन चैट्स में कथित तौर पर नशे के कारोबार से जुड़ी स्पष्ट बातचीत पाई गई, जिससे दोनों के बीच संबंधों की पुष्टि हुई।


इसके अलावा पुलिस ने वित्तीय लेन-देन की भी जांच की, जिसमें ऑनलाइन माध्यम से किए गए ट्रांजैक्शन सामने आए। इन डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों ने कथित तौर पर यह स्पष्ट कर दिया कि दोनों आरोपी नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त थे और इनके बीच नियमित लेन-देन हो रहा था।


पुलिस ने इन पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करते हुए बीते शुक्रवार को हितेंद्र मेहता उर्फ रिंकू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान न्यायिक मैजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) ठियोग न्यायालय में कार्यरत एक चपरासी के रूप में हुई है। न्यायिक व्यवस्था से जुड़े व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद पूरे क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका दायरा कितना बड़ा है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 (साजिश) भी जोड़ दी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत स्तर का नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। पुलिस द्वारा डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।


बताया जा रहा है कि पुलिस अब इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और विभिन्न एंगल से जांच कर रही है। तकनीकी निगरानी के साथ-साथ कॉल डिटेल, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।


मामले की पुष्टि करते हुए एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि ठियोग क्षेत्र में चिट्टा तस्करी के खिलाफ पुलिस द्वारा सख्त अभियान चलाया जा रहा है और इस मामले में भी पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और जो भी व्यक्ति इस अवैध कारोबार में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी स्तर पर लिप्त पाए जाने वाले व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद या संस्था से जुड़ा क्यों न हो।


इस कार्रवाई को हिमाचल प्रदेश में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से यह भी संदेश गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्ती लगातार जारी रहेगी।


फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


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