ठियोग में 8.34 ग्राम चिट्टा केस में कोर्ट कर्मचारी गिरफ्तार


ठियोग (शिमला) में 8.340 ग्राम चिट्टा मामले में फॉरवर्ड लिंकेज कार्रवाई, कोर्ट कर्मचारी समेत 2 आरोपी गिरफ्तार
















हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के ठियोग क्षेत्र में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक अहम सफलता हाथ लगी है। थाना ठियोग में दर्ज अभियोग संख्या 48/26, दिनांक 12 अप्रैल 2026 के तहत की जा रही जांच में पुलिस ने फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का दावा किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 12 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर थाना ठियोग की टीम ने नंगलदेवी के समीप नाकाबंदी कर एक कार को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान वाहन में सवार कुलदीप वर्मा उर्फ आशू, निवासी नलेहा, के कब्जे से 8.340 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ ND&PS एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया।

प्रारंभिक कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपी कुलदीप वर्मा ने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसने बरामद चिट्टा/हेरोइन हितेन्द्र मेहता उर्फ रिंकू को सप्लाई करने के उद्देश्य से प्राप्त किया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले को केवल बरामदगी तक सीमित न रखते हुए इसके पीछे जुड़े नेटवर्क की जांच शुरू कर दी।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों के बीच व्हाट्सऐप चैट की जांच की गई, जिसमें कथित तौर पर मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त से संबंधित बातचीत सामने आई। इन चैट्स से यह संकेत मिले कि दोनों के बीच अवैध कारोबार को लेकर आपसी समन्वय था।

इसके अलावा पुलिस ने वित्तीय लेन-देन की भी जांच की। जांच में सामने आया कि हितेन्द्र मेहता द्वारा कुलदीप वर्मा को UPI और अन्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए भुगतान किए गए थे। पुलिस का दावा है कि ये लेन-देन इस अवैध गतिविधि की पुष्टि करते हैं और दोनों के बीच संबंध को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

इन सभी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हितेन्द्र मेहता उर्फ रिंकू की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। जांच में उसकी कथित संलिप्तता सामने आने के बाद उसे 17 अप्रैल 2026 को विधि अनुसार गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी हितेन्द्र मेहता वर्तमान में JMFC ठियोग में बतौर चपरासी कार्यरत है, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील बन गया है।

पुलिस ने इस मामले में ND&PS एक्ट की धारा 29 भी जोड़ दी है, जो आपराधिक साजिश और सहयोग से संबंधित प्रावधानों को कवर करती है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि पुलिस केवल नशे की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में काम कर रही है।

जिला शिमला पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2026 के दौरान अब तक ND&PS एक्ट के तहत कुल 100 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 214 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 38 आरोपियों की गिरफ्तारी बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर की गई है, जो इस बात को दर्शाता है कि पुलिस सप्लाई चेन के हर स्तर तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि वे इस तरह की गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।

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