शिमला में युवक-युवती से 11.57 ग्राम एलएसडी बरामद, करीब 1 करोड़ का नशीला पदार्थ पकड़ा
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक और एक युवती को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि बरामद किए गए नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कार्रवाई के दौरान सिरमौर जिले की एक युवती के कब्जे से 11.57 ग्राम एलएसडी (लिसेर्जिक एसिड डायथाइलैमाइड) बरामद किया गया। यह एक प्रतिबंधित और बेहद खतरनाक मादक पदार्थ माना जाता है। पुलिस ने मौके पर ही युवक और युवती को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस मामले की पुष्टि करते हुए एएसपी अभिषेक ने बताया कि बरामद किया गया पदार्थ एलएसडी है, जो एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित ड्रग की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के मामलों में कानून के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है और दोषी पाए जाने पर आरोपियों को 20 साल तक की सजा हो सकती है।
एएसपी अभिषेक के अनुसार पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर सप्लाई किया जाना था। इसके साथ ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला संगठित नशा तस्करी से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहनता से जांच कर रही है। यदि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार लिसेर्जिक एसिड डायथाइलैमाइड (एलएसडी) एक सिंथेटिक मादक पदार्थ है, जो रासायनिक प्रक्रिया से तैयार किया जाता है। इस ड्रग की खास बात यह है कि इसका कोई रंग, गंध या स्वाद नहीं होता, जिसके कारण इसे पहचानना काफी कठिन हो जाता है। इसके बावजूद इसका नशा बेहद खतरनाक और प्रभावशाली माना जाता है।
बताया जाता है कि एलएसडी का सेवन करने के लगभग 15 से 20 मिनट के भीतर इसका असर शुरू हो जाता है और इसका प्रभाव लंबे समय तक बना रह सकता है। यह नशा व्यक्ति के दिमाग और शरीर दोनों पर गहरा प्रभाव डालता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसके सेवन से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
एलएसडी के सेवन से धड़कन तेज होना, ब्लड प्रेशर बढ़ना, घबराहट महसूस होना, नींद और भूख कम होना जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। कई मामलों में यह मानसिक स्थिति को भी प्रभावित करता है और व्यक्ति को भ्रम या असामान्य अनुभव भी हो सकते हैं। गंभीर परिस्थितियों में इसके सेवन से हार्ट अटैक जैसी खतरनाक स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
यह नशीला पदार्थ अलग-अलग रूपों में पाया जाता है। आमतौर पर इसे लिक्विड, पाउडर और ब्लॉट्स के रूप में तैयार किया जाता है। यही कारण है कि इसकी तस्करी भी अलग-अलग तरीकों से की जाती है, जिससे इसे पकड़ना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस लगातार नशा तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही है और समय-समय पर इस तरह की कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने और प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नशीले पदार्थ की आपूर्ति कहां से की गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। आने वाले समय में जांच के दौरान मामले से जुड़े और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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