कांगड़ा जिला के पीटीसी डरोह में 1 महिला कांस्टेबल की उपचार के दौरान मौत, सिरमौर की प्रशिक्षु आरटीसी कोर्स में थी शामिल
कांगड़ा जिला के पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (पीटीसी) डरोह में चल रहे आरटीसी प्रशिक्षण कोर्स के दौरान एक महिला कांस्टेबल की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पुलिस महकमे सहित परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतका जिला सिरमौर की निवासी बताई जा रही है, जो हाल ही में हिमाचल प्रदेश पुलिस में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुई थी और प्रशिक्षण के लिए पीटीसी डरोह में तैनात थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीटीसी डरोह में बीते फरवरी माह से आरटीसी (Recruit Training Course) के अंतर्गत लगभग 1253 महिला व पुरुष प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण जारी है। इसी बैच में शामिल उक्त महिला कांस्टेबल भी नियमित प्रशिक्षण ले रही थी। बताया जा रहा है कि कुछ समय पूर्व प्रशिक्षण के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। प्रारंभिक जांच में चिकित्सकों द्वारा उसे अल्सर की समस्या बताए जाने की जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार तबीयत बिगड़ने के बाद महिला प्रशिक्षु को प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार न होने पर उसे उन्नत उपचार के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा रेफर किया गया। वहां चिकित्सकीय निगरानी में उसका इलाज चल रहा था।
बताया जा रहा है कि बीती रात उसकी तबीयत अचानक फिर से गंभीर हो गई। चिकित्सकों द्वारा हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन रविवार को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि चिकित्सकीय रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस प्रशासन द्वारा नियमानुसार आगामी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है।
पीटीसी डरोह में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अन्य प्रशिक्षुओं के बीच भी इस घटना से शोक का माहौल है। बताया जा रहा है कि मृतका अपने प्रशिक्षण को लेकर गंभीर और समर्पित थी तथा हाल ही में पुलिस विभाग में भर्ती होकर अपने करियर की शुरुआत कर रही थी। ऐसे में अचानक हुई इस घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। विभागीय स्तर पर यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रशिक्षुओं के स्वास्थ्य संबंधी मामलों में नियमित मेडिकल मॉनिटरिंग और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रहें। सूत्रों के अनुसार प्रशिक्षण संस्थानों में समय-समय पर स्वास्थ्य जांच भी करवाई जाती है, ताकि किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके।
वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है। परिवार को अपनी बेटी के पुलिस सेवा में चयन पर गर्व था और वह प्रशिक्षण के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने की दिशा में अग्रसर थी। लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
फिलहाल पुलिस प्रशासन द्वारा मामले से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के सटीक कारणों पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होगी।
यह घटना एक बार फिर प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित करती है। पुलिस विभाग द्वारा प्रशिक्षुओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
#Kangra #PTCDaroh #PoliceTraining #RTCcourse #HimachalPolice #Sirmaur #TandaHospital #BreakingNews #UTHimachal
नोट:हम आपको आपके आसपास की ताज़ा, सटीक और विश्वसनीय खबरों से अवगत कराते हैं। यदि आपके पास भी अपने क्षेत्र से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण खबर है और आपको लगता है कि वह मीडिया में आनी चाहिए, तो आप हमें अवश्य भेजें। आप ईमेल या फेसबुक के माध्यम से हमें अपनी न्यूज़ भेज सकते हैं। आपकी भेजी गई खबर आपके नाम से प्रकाशित की जाएगी
