468 ग्राम चिट्टा केस समेत 4 मामलों के आरोपी पर PIT NDPS की कार्रवाई, शिमला में 1 तस्कर प्रिवेंटिव डिटेंशन में



4 मामलों में गिरफ्तारी के बाद PIT NDPS के तहत 1 आरोपी हिरासत में, शिमला जिला पुलिस की बड़ी कार्रवाई

शिमला। नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने और समाज को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिला पुलिस शिमला ने एक आरोपी को प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत हिरासत में लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances (PIT NDPS) अधिनियम के प्रावधानों के तहत की है। संबंधित आदेश सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए जाने के बाद आरोपी को विधिवत हिरासत में लिया गया।



पुलिस के अनुसार, नरेंद्र कुमार उर्फ नन्दु, पुत्र श्री राजिंदर सिंह, निवासी ग्राम एवं डाकघर हाटकोटी, तहसील जुब्बल, जिला शिमला, को नशीले पदार्थों की कथित अवैध तस्करी से जुड़े मामलों में बार-बार संलिप्त पाए जाने के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आरोपी पहले भी “स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) 1985” के तहत कई मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस का कहना है कि बार-बार गिरफ्तारी के बावजूद आरोपी ने कथित रूप से अवैध गतिविधियां बंद नहीं कीं, जिसके चलते प्रिवेंटिव डिटेंशन का सहारा लिया गया।

पुलिस अभिलेखों के अनुसार, आरोपी को पिछले दो वर्षों में चार अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया था। पहला मामला पुलिस थाना जुब्बल में दर्ज एफआईआर संख्या 15/2023 दिनांक 09.02.2023 से संबंधित है, जिसमें NDPS अधिनियम की धारा 21 और 29 के तहत कार्रवाई की गई थी। इस मामले में आरोपी के कब्जे से लगभग 1.62 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद होने का दावा किया गया था।

दूसरा मामला पुलिस थाना रोहडू में एफआईआर संख्या 86/2023 दिनांक 28.05.2023 के तहत दर्ज हुआ था। इसमें NDPS अधिनियम की धारा 21, 25 और 29 के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी से लगभग 7.34 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किए जाने की बात कही गई थी।

तीसरा और सबसे बड़ा मामला पुलिस थाना कोटखाई में एफआईआर संख्या 50/2024 दिनांक 19.09.2024 के तहत दर्ज किया गया। इस प्रकरण में NDPS अधिनियम की धारा 21 के तहत लगभग 468.380 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद होने का उल्लेख है। पुलिस के अनुसार, यह बरामदगी गंभीर श्रेणी में आती है और इसी के मद्देनजर आरोपी की गतिविधियों को गंभीरता से लिया गया।

चौथा मामला पुलिस थाना देहा में एफआईआर संख्या 51/2024 दिनांक 16.12.2024 के तहत दर्ज हुआ, जिसमें NDPS अधिनियम की धारा 21 और 29 के तहत लगभग 10.23 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किए जाने का दावा किया गया था।

जिला पुलिस शिमला का कहना है कि आरोपी की कथित गतिविधियों से यह संकेत मिलता है कि वह नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार में निरंतर संलिप्त रहा है। ऐसे में भविष्य में संभावित अवैध गतिविधियों को रोकने और समाज पर इसके प्रतिकूल प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए PIT NDPS अधिनियम के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन आवश्यक समझा गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रिवेंटिव डिटेंशन का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दंडित करना नहीं, बल्कि संभावित अपराध को रोकना है। यह कार्रवाई विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत की जाती है और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद ही लागू होती है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

जिला पुलिस ने दोहराया कि नशा तस्करी के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की नशीली गतिविधि की जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

हिमाचल प्रदेश में नशे के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने इसे गंभीर सामाजिक चुनौती माना है। ऐसे में प्रिवेंटिव डिटेंशन जैसी कानूनी व्यवस्थाओं का उपयोग कर संभावित अपराधों को रोकने की रणनीति अपनाई जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई से नशा तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

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